कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर में राहत 113.740 मीटर, खतरे के निशान से 1.26 मीटर नीचे - LGC रिपोर्ट 01-09-26
सत्य का असर समाचार पत्र, कानपुर रिपोर्ट: पत्रकार जितेन्द्र कुमार सिंह पटेल | मंगलवार, 01 सितम्बर 2026
कानपुर में गंगा का जलस्तर: बाढ़ के खतरे से अभी राहत, प्रशासन अलर्ट पर
कानपुर वासियों के लिए राहत भरी खबर है। बाढ़ नियंत्रण कार्यालय, लोअर गंगा कैनाल (LGC) कानपुर द्वारा आज दिनांक 01-09-2026 को सुबह 08:00 बजे जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार कानपुर बैराज पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे बना हुआ है। वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन बाढ़ नियंत्रण विभाग ने एहतियात के तौर पर निचले और तटीय इलाकों में सतर्कता जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
कानपुर बैराज का ताजा जलस्तर (Kanpur Barrage Gauge)
आज सुबह 8 बजे प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कानपुर बैराज पर अप स्ट्रीम जलस्तर 113.740 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि डाउन स्ट्रीम जलस्तर 113.490 मीटर है। वर्तमान में बैराज से 3,09,365 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। विभाग के अनुसार कानपुर बैराज पर चेतावनी स्तर 114.000 मीटर और खतरे का स्तर 115.000 मीटर निर्धारित है। यानी वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से 0.26 मीटर और खतरे के निशान से 1.26 मीटर नीचे है, जो एक सकारात्मक संकेत है। खतरे के निशान पर डिस्चार्ज क्षमता 5,44,373 क्यूसेक मानी जाती है, जबकि वर्तमान डिस्चार्ज उससे बहुत कम है।
शुक्लागंज और अन्य बैराजों की स्थिति
कानपुर के समीप शुक्लागंज गेज पर आज जलस्तर 112.250 मीटर दर्ज किया गया है। यहां चेतावनी स्तर 113.000 मीटर और खतरे का स्तर 114.000 मीटर है। शुक्लागंज में भी जलस्तर खतरे से नीचे है, लेकिन प्रशासन ने वहां भी निगरानी बढ़ा दी है।
ऊपरी क्षेत्रों की बात करें तो हरिद्वार बैराज से आज 1,00,375 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि नरोरा बैराज से 77,819 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। पहाड़ों और ऊपरी बैराजों से आने वाला पानी ही अगले 24 से 48 घंटों में कानपुर बैराज के जलस्तर को प्रभावित करता है, इसलिए LGC कार्यालय हरिद्वार और नरोरा की रिपोर्ट पर भी लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रशासन की तैयारी और अलर्ट
बाढ़ नियंत्रण विभाग ने स्पष्ट किया है कि पिछले 6 घंटों में जलस्तर में लगभग 0.15 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है और डिस्चार्ज स्थिर बना हुआ है। इसके बावजूद जिला प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण कक्ष को अलर्ट पर रखा गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को स्टैंडबाय पर रहने के निर्देश दिए गए हैं और राहत सामग्री तैयार रखी गई है।
बाढ़ नियंत्रण कार्यालय ने निचले इलाकों जैसे कटरी, शुक्लागंज, बिठूर और कानपुर के तटीय गांवों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे न जाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक बाढ़ नियंत्रण कक्ष के टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर सकते हैं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। यदि ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश होती है तो हरिद्वार और नरोरा से डिस्चार्ज बढ़ सकता है, जिससे कानपुर बैराज के जलस्तर में उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसलिए अगले दो दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
*नागरिकों के लिए निर्देश*
1. नदी किनारे जाने से बचें और बच्चों को नदी से दूर रखें।
2. निचले इलाकों में रहने वाले लोग अपने जरूरी दस्तावेज और सामान सुरक्षित स्थान पर रखें।
3. अफवाहों पर ध्यान न दें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों पर भरोसा करें।
4. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
फिलहाल कानपुर में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और गंगा का जलस्तर नियंत्रण में है। सत्य का असर समाचार पत्र द्वारा बाढ़ नियंत्रण कार्यालय की हर अपडेट।
पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल संपर्क सूत्र 9956 8340 16

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