कानपुर में साध्वी निरंजन ज्योति ने की पिछड़ा वर्ग योजनाओं की समीक्षा: पात्रों को समय पर मिले छात्रवृत्ति और विवाह अनुदान, 6 जिलों के अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कानपुर नगर। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की माननीय अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने शनिवार को मंडलायुक्त शिविर कार्यालय स्थित सभागार में कानपुर मंडल के छह जनपदों के अधिकारियों के साथ पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव और देरी के पहुंचे।
साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। लेकिन योजनाओं की सार्थकता तभी है जब उनका लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के प्रचार-प्रसार में कोई कमी न रहे और पात्र लाभार्थियों की पहचान में तेजी लाई जाए।
छात्रवृत्ति समय पर मिले, शिक्षा में बाधा न आए
बैठक का मुख्य फोकस छात्रवृत्ति योजना पर रहा। माननीय अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, राजकीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी छात्र की पढ़ाई आर्थिक कारणों से नहीं रुकनी चाहिए। संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि छात्रवृत्ति की धनराशि समय से पात्र छात्रों के बैंक खातों में पहुंचे। पोर्टल पर लंबित आवेदनों का निस्तारण 15 दिन के अंदर किया जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी छात्र अक्सर जानकारी के अभाव में आवेदन नहीं कर पाते। इसलिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में विशेष कैंप लगाकर छात्रों को जागरूक किया जाए। मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने आश्वस्त किया कि छात्रवृत्ति वितरण की मॉनिटरिंग हर सप्ताह की जाएगी।
विवाह अनुदान योजना को गांव-गांव तक पहुंचाएं
साध्वी निरंजन ज्योति ने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की गरीब एवं निर्धन बालिकाओं की विवाह अनुदान योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। ग्राम पंचायत, ब्लॉक कार्यालय, तहसील और जनसुविधा केंद्रों पर इसके पोस्टर लगाए जाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहू और ग्राम विकास अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाए कि वे पात्र परिवारों को चिन्हित कर आवेदन करवाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी जरूरतमंद परिवार कागजी कार्रवाई के नाम पर परेशान न हो। आवेदन की प्रक्रिया को सरल और ऑनलाइन बनाया जाए ताकि समय पर अनुदान की धनराशि बेटियों के विवाह से पहले मिल जाए। पारदर्शिता संवेदनशीलता और जवाबदेही जरूरी माननीय अध्यक्ष ने योजनाओं के क्रियान्वयन में तीन बातों पर विशेष जोर दिया - पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही। उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाएं और देखें कि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर मिल रहा है या नहीं। उन्होंने निर्देश दिए कि हर जनपद में लंबित प्रकरणों की सूची बनाकर उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान हो और शिकायतकर्ता को उसका फीडबैक दिया जाए। अगर किसी अधिकारी की लापरवाही से कोई पात्र व्यक्ति वंचित रहता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।कानपुर मंडल के 6 जिलों की प्रगति की समीक्षा
इस बैठक में कानपुर मंडल के कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, फतेहपुर, हमीरपुर और बांदा जनपदों के जिलाधिकारी और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिलों ने अपनी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। समीक्षा में छात्रवृत्ति वितरण, विवाह अनुदान, कौशल विकास प्रशिक्षण और अन्य योजनाओं के आंकड़ों पर चर्चा हुई। माननीय अध्यक्ष ने कम प्रगति वाले जिलों के अधिकारियों से कारण पूछा और उन्हें लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
अन्य कल्याणकारी योजनाओं पर भी दिया जोर
बैठक में पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार योजना और आवासीय विद्यालयों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि केवल आर्थिक मदद ही काफी नहीं है, युवाओं को रोजगार से जोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि ITI, पॉलिटेक्निक और कौशल विकास केंद्रों में पिछड़ा वर्ग के युवाओं को प्राथमिकता से प्रशिक्षण दिया जाए। प्रशिक्षण के बाद उन्हें बैंक से लोन दिलाकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए।
शिकायत निवारण और निगरानी तंत्र मजबूत करें
माननीय अध्यक्ष ने कहा कि योजनाओं की सफलता के लिए एक मजबूत निगरानी तंत्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर जनपद में हेल्पलाइन नंबर और शिकायत निवारण सेल बनाया जाए। सोशल मीडिया और जनसुनवाई के माध्यम से आने वाली शिकायतों का 7 दिन में निस्तारण किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों से फीडबैक लिया जाए, ताकि योजनाओं में सुधार किया जा सके।
अधिकारियों को मिले सख्त निर्देश
बैठक के अंत में साध्वी निरंजन ज्योति ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संवेदनशीलता के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग लगातार इसकी निगरानी करेगा। अगले तीन महीने में फिर से समीक्षा बैठक होगी और प्रगति देखी जाएगी। मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने माननीय अध्यक्ष को भरोसा दिलाया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा और कानपुर मंडल को पिछड़ा वर्ग कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश में अग्रणी बनाया जाएगा। बैठक में सभी छह जनपदों के जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
संपादकः सत्य का असर समाचार पत्र, कानपुर
पत्रकारः जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
संपर्क सूत्र: 9956834016
ईमेल:satyakaasarnews24@gmail.com
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