कानपुर: 2.5 महीने से बिना सैलरी National Sugar Institute के गार्ड, भूखे होकर बंद किया गेट

कानपुर  राष्ट्रीय शर्करा संस्थान, कानपुर में काम करने वाले सिक्योरिटी गार्ड्स ने बुधवार को संस्थान के मुख्य गेट नंबर 1 पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का कारण बेहद गंभीर है - *पिछले 2 महीने 15 दिन से गार्डों को वेतन नहीं मिला है। धूप में 12 घंटे ड्यूटी करने वाले इन गार्डों का कहना है कि अब उनके पास खाने के पैसे नहीं बचे हैं। बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही और कमरे का किराया भी सिर पर चढ़ गया है।

➡️क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक नेशनल शुगर इंस्टिट्यूट में तैनात करीब 35 से अधिक सिक्योरिटी गार्ड पिछले 75 दिनों से वेतन के इंतजार में हैं। गार्ड्स का आरोप है कि सिक्योरिटी कंपनी और संस्थान के अधिकारी लगातार टालमटोल कर रहे हैं।


गार्ड *बाल बहादुर थापा* ने "सत्य का असर" से बात करते हुए बताया, हम 12 घंटे ड्यूटी करते हैं। 18000 रुपये सैलरी मिलती है। लेकिन 2 महीने 15 दिन से एक भी रुपया हाथ में नहीं आया। बच्चों की फीस नहीं जमा हो पा रही। मकान मालिक किराया मांग रहा है। खाने के लिए भी पैसे नहीं हैं। हम जाएं तो कहां जाएं

गार्ड्स ने पहले सिक्योरिटी इंचार्ज सुधांशु जी से बात की। लेकिन उनका कहना है कि अधिकारी ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया और उन्हें एस ओ के पास भेज दिया। वहां भी कोई सही आश्वासन नहीं मिला उसी से नाराज होकर सभी गार्डों ने एकजुट होकर गेट बंद करने का फैसला लिया।

गेट बंद कर की नारेबाजी

गुस्साए गार्ड्स ने बुधवार दोपहर संस्थान के गेट नंबर 1 को बंद कर दिया और "वेतन दो, वेतन दो" के नारे लगाए। प्रदर्शन में *अशोक, अरविंद कुमार सिंह, मदन पाल, श्यामवीर सिंह, निर्मल, बल बहादुर थापा, सुशील, अश्वनी, आनंद, कमल, पिंटू, धीरेन कुमार, महेंद्र, उमाकांत, धीरज, प्रभात, अनिल, अमित, कटिहार, सिलु, रोहित, अजय, सत्येंद्र, सुभाष, सविता, राम लखन, नीरज, मनोज, पुष्पेंद्र, शिवम, राहुल, आनंद प्रकाश* सहित बड़ी संख्या में गार्ड शामिल रहे।

सिक्योरिटी कमांडर *अरविंद कुमार सिंह* ने बताया कि इस संबंध में सिक्योरिटी कंपनी के उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

सरकारी संस्थान में ऐसी लापरवाही

राष्ट्रीय शर्करा संस्थान भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन आता है। ये एक ISO प्रमाणित संस्थान है। ऐसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान में कर्मचारियों को महीनों तक वेतन न मिलना गंभीर सवाल खड़े करता है।

गार्ड्स का कहना है कि वे संस्थान और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए दिन-रात धूप, बारिश और सर्दी में ड्यूटी करते हैं। लेकिन जब उनके अपने घर का चूल्हा नहीं जल रहा तो ड्यूटी कैसे करें

➡️गार्ड्स की मांग

प्रदर्शन कर रहे गार्ड्स की सिर्फ एक मांग है - *बकाया वेतन का तुरंत भुगतान*। उनका कहना है कि जब तक 2 महीने 15 दिन का पूरा वेतन उनके खाते में नहीं आता, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

➡️प्रशासन से क्या उम्मीद?

अब देखना ये है कि संस्थान प्रशासन और सिक्योरिटी कंपनी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं। गार्ड्स ने साफ कर दिया है कि अगर 2-3 दिन में वेतन नहीं मिला तो वो आगे उग्र आंदोलन करेंगे।

➡️आपकी क्या राय है?

क्या सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार सही है? कमेंट में बताएं।

संपादकः सत्य का असर समाचार पत्र, कानपुर

पत्रकारः जितेंद्र कुमार सिंह पटेल

संपर्क सूत्र: 9956834016

ईमेल:satyakaasarnews24@gmail.com

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