कानपुर में बाढ़ का खतरा मंडराया: गंगा बैराज पर जलस्तर वार्निंग लेवल के पार, प्रशासन अलर्ट
कानपुर में बाढ़ का खतरा मंडराया: गंगा बैराज पर जलस्तर वार्निंग लेवल के पार, प्रशासन अलर्ट
कानपुर उत्तर प्रदेश के औद्योगिक नगर कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ के हालात बनने लगे हैं। बाढ़ नियंत्रण कार्यालय, लोअर गंगा कैनाल (LGC), कानपुर द्वारा आज सुबह 8:00 बजे जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार कानपुर बैराज और शुक्लागंज में नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है। हरिद्वार और नरोरा बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण अगले 24 घंटों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका है।
➡️कानपुर बैराज पर स्थिति चिंताजनक
बाढ़ नियंत्रण कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर बैराज पर आज सुबह:
- *अप स्ट्रीम लेवल:* 114.670 मीटर
- *डाउन स्ट्रीम लेवल:* 114.280 मीटर
- *वर्तमान डिस्चार्ज:* 412548 क्यूसेक
- *वार्निंग लेवल:* 114.000 मीटर
- *डेंजर लेवल:* 115.000 मीटर
- *डेंजर लेवल पर डिस्चार्ज क्षमता:* 544373 क्यूसेक
आंकड़े साफ बता रहे हैं कि कानपुर बैराज पर जलस्तर वार्निंग लेवल 114.000 मीटर को पार करके 114.670 मीटर पर पहुंच गया है। यानी वार्निंग लेवल से 0.67 मीटर ऊपर पानी बह रहा है। डेंजर लेवल 115.000 मीटर से यह अभी सिर्फ 0.33 मीटर यानी करीब 1 फीट नीचे है। अगर डिस्चार्ज इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो आज शाम तक नदी डेंजर लेवल को भी पार कर सकती है।
➡️शुक्लागंज में वार्निंग लेवल पार
उन्नाव जिले के शुक्लागंज गेज पर भी स्थिति गंभीर है।
- *वर्तमान जलस्तर:* 113.050 मीटर
- *वार्निंग लेवल:* 113.0 मीटर
- *डेंजर लेवल:* 114.0 मीटर
शुक्लागंज में गंगा ने वार्निंग लेवल को पार कर लिया है। 113.050 मीटर का लेवल वार्निंग से 5 सेंटीमीटर ऊपर है। यहां से डेंजर लेवल में सिर्फ 95 सेंटीमीटर का फासला बचा है। शुक्लागंज के निचले इलाके कटरी क्षेत्र के गांवों में पानी घुसने की संभावना बढ़ गई है।
➡️ऊपर से आ रहा है भारी पानी
बाढ़ का असली खतरा ऊपरी बैराजों से आ रहे पानी से है।
*1. हरिद्वार बैराज:* यहां से 74532 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पिछले दो दिनों से पहाड़ों में हो रही भारी बारिश के कारण हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है।
*2. नरोरा बैराज:* बुलंदशहर स्थित नरोरा बैराज से 64283 क्यूसेक डिस्चार्ज किया जा रहा है। यह पानी 48 से 60 घंटों में कानपुर पहुंचता है, जिसका असर कल से दिखना शुरू होगा।
जब हरिद्वार और नरोरा का यह कुल 1.38 लाख क्यूसेक पानी कानपुर बैराज के वर्तमान 4.12 लाख क्यूसेक में जुड़ेगा, तो कानपुर में डिस्चार्ज 5 लाख क्यूसेक के पार चला जाएगा, जो डेंजर लेवल के डिस्चार्ज 544373 क्यूसेक के बेहद करीब होगा।
➡️प्रशासन ने क्या तैयारी की है?
जलस्तर बढ़ने की सूचना के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
1. कानपुर और उन्नाव के जिलाधिकारियों ने बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है।
2. गंगा किनारे बसे गांव जैसे - भैरवघाट, सरसैया घाट, शuklaganj कटरी, बिठूर के निचले इलाकों में लेखपालों को निगरानी के लिए भेजा गया है।
3. सिंचाई विभाग ने बैराज के सभी गेटों को पूरी तरह खोल दिया है ताकि पानी का दबाव कम किया जा सके।
4. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
➡️लोगों से अपील
बाढ़ नियंत्रण कार्यालय ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अपने मवेशियों और कीमती सामान को ऊंचे स्थानों पर शिफ्ट कर दें। नदी में नहाने या नाव से पार करने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम नंबर पर संपर्क करें।
कुल मिलाकर अगले 24 घंटे कानपुर के लिए बेहद अहम हैं। अगर पहाड़ों पर बारिश थमी तो स्थिति संभल सकती है, लेकिन अगर डिस्चार्ज और बढ़ा तो कानपुर के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस सकता है।
सत्य का असर समाचार पत्र कानपुर नगर
पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
संपर्क सूत्र 9956 834016

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