कानपुर मंडल में सितंबर के चौथे सप्ताह में लगेगी 95वीं पेंशन अदालत, 15 सितंबर तक पंजीकृत डाक से भेजें आवेदन |
पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
कानपुर मंडल में सितंबर के चौथे सप्ताह में लगेगी 95वीं पेंशन अदालत, 15 सितंबर तक भेजे जा सकेंगे आवेदन पत्र
कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश सरकार के सेवानिवृत्त राजकीय कर्मचारियों और मृतक कर्मचारियों के आश्रितों के लिए बड़ी खबर है। उनके पेंशन और अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों से संबंधित लंबित मामलों के निस्तारण के लिए कानपुर मंडल में वित्तीय वर्ष 2026-27 की 95वीं पेंशन अदालत का आयोजन सितंबर 2026 के चौथे सप्ताह में किया जाएगा।
इस संबंध में अपर निदेशक और संयोजक पेंशन अदालत, कोषागार एवं पेंशन, कानपुर मंडल, यज्ञेश सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह अदालत मंडलायुक्त कानपुर मंडल की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। इसमें कानपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जनपदों कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद और कन्नौज के मामलों पर विचार किया जाएगा।
किसे करना होगा आवेदन
ऐसे सभी सेवानिवृत्त राजकीय सेवक जिनकी पेंशन, ग्रेच्युटी, अवशेष भुगतान, पेंशन पुनरीक्षण या अन्य सेवानिवृत्तिक लाभों से संबंधित समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं, वे इस अदालत में अपना वाद प्रस्तुत कर सकते हैं। इसी प्रकार मृतक राजकीय सेवकों के आश्रित परिवारजन जो पारिवारिक पेंशन या अन्य लाभों से वंचित हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन की अंतिम तिथि और प्रक्रिया
अपर निदेशक ने बताया कि आवेदन पत्र पंजीकृत डाक के माध्यम से ही भेजा जाना अनिवार्य है। आवेदन पत्र अपर निदेशक, कोषागार एवं पेंशन, कलेक्ट्रेट कंपाउंड, कानपुर मंडल, कानपुर के पते पर 15 सितंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पहुंच जाना चाहिए। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी प्रकरण पर पेंशन अदालत में विचार नहीं किया जाएगा।
आवेदकों को अपना वाद पत्र निर्धारित प्रारूप में तीन प्रतियों में भेजना होगा। साथ ही वाद पत्र की एक प्रति उस कार्यालयाध्यक्ष अथवा विभागाध्यक्ष को भी उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा, जहां वे अंतिम तैनाती के समय कार्यरत थे। ताकि कार्यालयाध्यक्ष भी अपने स्तर से साक्ष्यों सहित अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकें।
कौन से प्रकरण स्वीकार नहीं होंगे
विभाग ने स्पष्ट किया है कि कुछ प्रकार के प्रकरणों पर पेंशन अदालत में विचार नहीं किया जाएगा। इसमें ऐसे प्रकरण जो पहले से किसी न्यायालय में विचाराधीन हैं या न्यायालय द्वारा निर्णीत किए जा चुके हैं, जो शासन स्तर पर निर्णीत हो चुके हैं, जो नीतिगत प्रकृति के हैं, और जो राजकीय कार्मिकों से संबंधित नहीं हैं, उन्हें अदालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
आवेदन में क्या-क्या देना होगा जरूरी
आवेदन पत्र में आवेदक को पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित करनी होगी। इसमें आवेदक का नाम, पदनाम, पिता या पति का नाम, सेवानिवृत्ति के समय संबंधित कार्यालय का विवरण, विभागाध्यक्ष का नाम, जन्मतिथि, सेवा में प्रवेश की तिथि, सेवानिवृत्ति अथवा मृत्यु की तिथि, कार्यालयाध्यक्ष को पेंशन स्वीकृति या पुनरीक्षण हेतु दिए गए प्रार्थना पत्र की तिथि एवं उसका साक्ष्य, कार्यालयाध्यक्ष द्वारा प्रकरण अग्रेषित किए जाने की तिथि, पेंशन स्वीकर्ता अधिकारी की आपत्तियां और उनके प्रत्युत्तर का विवरण, अपेक्षित राहत का स्पष्ट उल्लेख, पूरा डाक पता पिन कोड सहित, और संबंधित कोषागार का नाम अंकित करना अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही आवेदक को एक घोषणा पत्र भी देना होगा कि उसका प्रकरण न तो नीतिगत है और न ही किसी न्यायालय में विचाराधीन है। यदि कोई मामला न्यायालय में लंबित है तो आवेदक को शपथ पत्र के साथ यह उल्लेख करना होगा कि वह न्यायालय के बाहर समझौते और वाद वापसी के लिए सहमत है। आवेदन पत्र पर हस्ताक्षर और दिनांक अंकित करना भी अनिवार्य होगा। बिना हस्ताक्षर वाले आवेदन निरस्त कर दिए जाएंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह अदालत
बता दें कि पेंशन अदालत सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए अंतिम उम्मीद होती है। कई बार कार्यालयों की लापरवाही के कारण पेंशन फाइलें वर्षों तक लटकी रहती हैं। इस अदालत में मंडलायुक्त के सामने सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहते हैं और मौके पर ही निस्तारण के निर्देश दिए जाते हैं।
सत्य काअसर समाचारपत्र कानपुर
पत्रकार जितेन्द्र कुमार सिंह पटेल, कानपुर।
मोबाइल नंबर 9956 834016

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