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बैंक ऑफ इंडिया में वित्तीय साक्षरता एवं साइबर जागरूकता अभियान आयोजित, डिजिटल अरेस्ट ठगी से किया आगाह
कानपुर बैंक ऑफ इंडिया के कानपुर स्थित आंचलिक कार्यालय में सोमवार को वित्तीय साक्षरता एवं साइबर जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों को सुरक्षित बैंकिंग प्रणाली, डिजिटल लेन-देन के सुरक्षित उपयोग और वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना था। विशेष रूप से इन दिनों ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर हो रही ठगी को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में आंचलिक प्रबंधक श्री अभय कुमार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। अपराधी खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई, कस्टम या टेलीकॉम विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर आम लोगों को फोन या वीडियो कॉल करते हैं।
➡️ क्या है डिजिटल अरेस्ट ठगी?
अभय कुमार ने बताया कि ठग सबसे पहले आपको कॉल करके कहेंगे कि आपके नाम से कोई पार्सल में ड्रग्स मिला है, आपका आधार कार्ड मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हुआ है, या आपके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। इसके बाद वे आपको वीडियो कॉल पर जोड़कर फर्जी पुलिस स्टेशन, फर्जी वर्दी और फर्जी आईडी कार्ड दिखाकर डराते हैं। आपको कहा जाता है कि आप 24 घंटे के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ में हैं, आप किसी को कॉल नहीं कर सकते और अगर आपने तुरंत पैसे नहीं दिए तो आपको जेल भेज दिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत सरकार की कोई भी जांच एजेंसी इस तरह से फोन या वीडियो कॉल पर किसी को अरेस्ट नहीं करती। न ही कभी फोन पर पैसे जमा करने, RTGS या UPI करने को कहा जाता है। यह पूरी तरह से 100% फ्रॉड है। ऐसी कॉल आते ही घबराएं नहीं, तुरंत कॉल काट दें और अपने परिवार या नजदीकी बैंक शाखा और पुलिस को सूचित करें।
➡️ सुरक्षित बैंकिंग के लिए इन बातों का रखें ध्यान:
1. अपना OTP, ATM कार्ड नंबर, CVV, PIN, इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी के साथ भी शेयर न करें। बैंक कभी भी फोन पर ये जानकारी नहीं मांगता।
2. अनजान लिंक पर क्लिक न करें। कई बार SMS में आता है - आपका खाता बंद हो जाएगा, KYC अपडेट करें, ऐसे लिंक फर्जी होते हैं।
3. किसी भी अनजान APK फाइल या AnyDesk, Quick Support जैसे रिमोट एक्सेस ऐप को डाउनलोड न करें।
4. सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जन्मतिथि, बैंक डिटेल सार्वजनिक न करें।
5. हमेशा मजबूत पासवर्ड रखें और समय-समय पर बदलते रहें।
➡️ साइबर ठगी हो जाए तो क्या करें?
उप आंचलिक प्रबंधक मदन सिंह नपलच्याल ने बताया कि यदि किसी के साथ भी साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो सबसे पहले घबराएं नहीं और तुरंत कार्रवाई करें। भारत सरकार ने साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर *1930* जारी किया है। इस पर तुरंत कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही http://www.cybercrime.gov.in पर भी ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है। जितनी जल्दी शिकायत करेंगे, पैसा वापस आने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।
उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया अपने ग्राहकों की सुरक्षा के लिए लगातार जागरूकता अभियान चला रहा है।
➡️सरकारी योजनाओं की भी दी जानकारी:
कार्यक्रम में वित्तीय साक्षरता के तहत केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
प्रधानमंत्री जन-धन योजना: जीरो बैलेंस पर खाता खोलने की सुविधा और दुर्घटना बीमा।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: मात्र 20 रुपये सालाना में 2 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: 436 रुपये सालाना में 2 लाख रुपये का जीवन बीमा।
अटल पेंशन योजना: 60 साल के बाद हर महीने 1000 से 5000 रुपये तक की गारंटीड पेंशन।
अधिकारियों ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे शाखा में आने वाले हर ग्राहक को इन योजनाओं और साइबर सुरक्षा के बारे में जरूर जागरूक करें।
कार्यक्रम के अंत में सभी स्टाफ सदस्यों ने सुरक्षित और जागरूक बैंकिंग का संकल्प लिया। इस अवसर पर आंचलिक कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सत्य का असर समाचार पत्र कानपुर
पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
संपर्क सूत्र 9956834016
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