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कानपुर मंधना रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में बड़ा फैसला।
कानपुर औद्योगिक नगरी कानपुर के लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। शहर के अहम और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र मंधना रेलवे स्टेशन का अब पूरी तरह से कायाकल्प होने जा रहा है। भविष्य में बढ़ने वाले यात्रियों के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
इसी सिलसिले में आज जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जिलाधिकारी शिविर कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा था - मंधना रेलवे स्टेशन पर पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन और यात्री सुविधाओं का समग्र विकास।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, डीसीपी ट्रैफिक, अपर जिलाधिकारी नगर सौरभ सिंह, पीडी एनएचएआई और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
➡️क्यों जरूरी है मंधना स्टेशन का विकास?
बैठक में रेलवे अधिकारियों ने एक बड़ा खुलासा किया जिसने मंधना स्टेशन के महत्व को और बढ़ा दिया। अधिकारियों ने बताया कि *कानपुर अनवरगंज से मंधना (CPA-MDA) तक एलिवेटेड कॉरिडोर* का निर्माण प्रस्तावित है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का काम संभावित रूप से *नवंबर/दिसंबर 2026 से शुरू* होने की उम्मीद है।
इस कॉरिडोर के बनने के बाद मंधना रेलवे स्टेशन इस पूरे रेलखंड का अंतिम टर्मिनल स्टेशन बन जाएगा। मतलब साफ है कि अब कानपुर सेंट्रल और अनवरगंज का लोड काफी हद तक मंधना शिफ्ट हो जाएगा। बड़ी संख्या में ट्रेनें यहीं से शुरू और यहीं खत्म होंगी। ऐसे में यहाँ यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी तय है।
इसी भविष्य की जरूरत को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारी अभी से शुरू की जाए, ताकि बाद में अव्यवस्था न फैले।
➡️बैठक में लिए गए 5 बड़े फैसले
1. व्यवस्थित पार्किंग की व्यवस्था:
जिलाधिकारी ने सबसे ज्यादा जोर पार्किंग पर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि स्टेशन के बाहर उपलब्ध सभी खाली और उपयुक्त जमीनों को चिन्हित किया जाए और वहाँ वैज्ञानिक तरीके से व्यवस्थित पार्किंग बनाई जाए। ताकि स्टेशन आने वाले लोगों को सड़क पर गाड़ी खड़ी न करनी पड़े और जाम की स्थिति न बने।
2. सार्वजनिक परिवहन होगा मजबूत:
अक्सर शिकायत आती है कि मंधना स्टेशन से शहर के अंदर आने के लिए ऑटो या बस आसानी से नहीं मिलती। इस पर जिलाधिकारी ने सिटी बस, ई-बस और ऑटो यूनियन से समन्वय बनाकर मंधना से कानपुर नगर, कल्याणपुर, रावतपुर, विजय नगर और घंटाघर तक सीधी और नियमित परिवहन सेवा शुरू करने के निर्देश दिए।
3. संयुक्त सर्वे टीम का गठन:
काम सिर्फ कागजों पर न रहे, इसके लिए तुरंत एक्शन प्लान बनाया गया। जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी कल्याणपुर संदीप कुमार (IAS) की अध्यक्षता में एक संयुक्त समिति गठित की है। इस समिति में रेलवे, NHAI और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम *इसी रविवार को मंधना क्षेत्र का संयुक्त सर्वे* करेगी और पार्किंग व ट्रैफिक के लिए उपयुक्त जगहों की रिपोर्ट सौंपेगी।
4. जमीन संबंधी अड़चनों को दूर करने के निर्देश:
बैठक में रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में तहसील बिल्हौर के 2 गांव और तहसील सदर के 13 गांव शामिल हैं। इसको लेकर रेलवे ने दोनों तहसीलों को पत्र भी भेजा है। जिलाधिकारी ने दोनों उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे *सोमवार तक पूरी रिपोर्ट* प्रस्तुत करें, ताकि भूमि अधिग्रहण या अन्य कोई अड़चन समय रहते दूर की जा सके।
5. स्वच्छता और नाला सफाई पर विशेष फोकस:
मंधना ही नहीं, बल्कि कल्याणपुर से रावतपुर रेलवे स्टेशन तक के पूरे क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया गया है। जोनल अधिकारी को दो दिन के अंदर सर्वे कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को नियमित कूड़ा उठान और कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था पुख्ता करने को कहा गया। साथ ही रेलवे ट्रैक के किनारे कचरा न फेंके, इसके लिए रेलवे और नगर निगम दोनों मिलकर निगरानी करेंगे।
इसके अलावा स्टेशन के बाहर सिविल क्षेत्र में स्थित नालों की समुचित सफाई और जहाँ जरूरी हो वहाँ नालों को कवर्ड करने पर भी चर्चा हुई। फ्लाईओवर के नीचे खाली पड़ी जगह का उपयोग पार्किंग के रूप में करने की योजना पर भी सहमति बनी है।
➡️मंधना क्यों बन रहा है कानपुर का नया सेंटर?
मंधना अब सिर्फ एक छोटा स्टेशन नहीं रहा। यहाँ IIT कानपुर, कई बड़े निजी विश्वविद्यालय, औद्योगिक क्षेत्र और नई आवासीय कॉलोनियां तेजी से विकसित हो रही हैं। हजारों छात्र और कर्मचारी रोजाना यहाँ से सफर करते हैं। अनवरगंज-मंधना एलिवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद यह स्टेशन पश्चिमी कानपुर और कन्नौज, फर्रुखाबाद की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए सबसे बड़ा हब बन जाएगा।
जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने अंत में कहा कि मंधना रेलवे स्टेशन पर भविष्य में बढ़ने वाली यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए यात्री सुविधाओं का समग्र विकास प्राथमिकता के साथ किया जाए। सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करें, जिससे यात्रियों को आवागमन में अधिक सुविधा और सुगमता मिल सके।
कुल मिलाकर, यह बैठक मंधना के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। अगर यह योजना समय पर पूरी होती है, तो आने वाले 2 सालों में मंधना रेलवे स्टेशन की तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आएगी।
सत्य काअसर समाचारपत्र कानपुर
पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
संपर्क सूत्र 9956834016
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