CM योगी आदित्यनाथ 26 अक्टूबर को बिठूर दौरे पर, 11 बजे हेलीकॉप्टर से आगमन, वाल्मीकि आश्रम में पूजन, 400 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बिठूर दौरे पर, 400 करोड़ की विकास परियोजनाओं की देंगे सौगात  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को कानपुर के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल बिठूर के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरे को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। > कार्यक्रम का शेड्यूल - > सुबह 11:00 बजे: सीएम योगी हेलीकॉप्टर से बिठूर पहुंचेंगे। > वाल्मीकि आश्रम में 15 मिनट दर्शन-पूजन करेंगे। > दोपहर 12:00 बजे: नानाराव पेशवा पार्क में जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान बिठूर और बिल्हौर के लिए 400 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात और लाभार्थियों को सम्मान।  रिपोर्ट: पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल | सत्य का असर समाचार पत्र कानपुर नगर | मोबाइल 9956834016

मैनपुरी में आलू किसानों के लिए परिजात इंडस्ट्रीज का विशेष सम्मेलन, 100 किसानों को मिली आधुनिक खेती की ट्रेनिंग

पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल संपर्क सूत्र 9956 8340 16 

मैनपुरी। उत्तर प्रदेश के आलू बेल्ट माने जाने वाले मैनपुरी जिले के बरनाहल क्षेत्र में किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। दलूपुर रोड स्थित एग्री जंक्शन सेंटर पर आयोजित इस कार्यक्रम में परिजात इंडस्ट्रीज द्वारा किसानों को रबी सीजन, खासकर आलू की फसल में आने वाली चुनौतियों से निपटने के गुर सिखाए गए।

सम्मेलन में करीब 100 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह शाक्य और परिजात इंडस्ट्रीज के क्षेत्रीय प्रबंधक राव साहब राजा मौजूद रहे। आयोजन की शुरुआत एग्री जंक्शन सेंटर के प्रभारी अंकित कुमार द्वारा सभी अतिथियों के स्वागत के साथ हुई।


आलू की खेती क्यों है चुनौतीपूर्ण?

मैनपुरी, आगरा, फर्रुखाबाद और कानपुर सहित पूरा मध्य यूपी आलू उत्पादन का बड़ा केंद्र है। विशेषज्ञों ने बताया कि इस समय रबी की बुवाई का समय है, अक्टूबर-नवंबर में बोया गया आलू फरवरी-मार्च में तैयार होता है। लेकिन किसानों को बीज में बैक्टीरियल संक्रमण, कंद सड़न, मिट्टी जनित रोग और अंकुरण कम होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिससे पैदावार सीधे प्रभावित होती है।

क्या समाधान बताए गए?

कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने रोग प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि आलू में फफूंद जनित रोगों को रोकने के लिए समय पर फफूंदनाशक का प्रयोग जरूरी है। इसी कड़ी में होल्ट 250 एससी (Holt 250 SC) के सही उपयोग के बारे में बताया गया। इसके अलावा जड़ के विकास के लिए रूट प्लस (Root Plus) और पैरिस्टार (Paristar) जैसे उत्पादों की भूमिका पर भी किसानों को जानकारी दी गई।

किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे सवाल-जवाब भी किए और अपनी खेत की समस्याएं साझा कीं।

भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह शाक्य ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन से छोटे किसानों को नई तकनीक सीखने का मौका मिलता है, जिससे लागत कम और मुनाफा ज्यादा होगा।

यह पहल किसानों को सिर्फ उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक और वैज्ञानिक खेती से जोड़ने का एक प्रयास है।

पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल संपर्क सूत्र 9956 8340 16 


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