हरदोई के पुरबावां में औघड़ नाथ आश्रम: 2 बिशुवा में फैला सिद्धपीठ, नाग देवता की कृपा से बसा
हरदोई: औघड़ नाथ आश्रम में नाग-नागिन के स्वप्न के बाद बनी सिद्धपीठ, हजारों श्रद्धालुओं का लगता है भंडारा
मल्लावां का चमत्कारी औघड़ नाथ मंदिर: पुजारी प्यारे बाबा को स्वप्न में मिला था आदेश, आज भी पूरी होती हैं मनोकामनाएं
हरदोई मल्लावां क्षेत्र के पुरबावां हेरवल रोड स्थित न्यू पुरबावां में स्थित औघड़ नाथ आश्रम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस सिद्धपीठ की स्थापना की कहानी भी बेहद चमत्कारी मानी जाती है। आश्रम के पुजारी प्यारे बाबा औघड़ उर्फ कनकौनू के अनुसार, उन्हें स्वप्न में नाग-नागिन ने दर्शन देकर यहां मंदिर और आश्रम बनाने का आदेश दिया था। बाबा के स्वप्न के बाद ही इस स्थान पर औघड़ नाथ आश्रम की नींव पड़ी।
आश्रम के पुजारी बाबा प्यारेलाल अवघड़ के मोबाइल से भी बात कर सकते है संपर्क सूत्र 7080681993
लगभग दो बिशुवा भूमि में फैले इस आश्रम में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और महात्माओं का आना-जाना लगा रहता है। विशेष पर्वों और अवसरों पर यहां विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मंदिर में आज भी सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं।
पुरबावां से न्यू पुरबावां की दूरी मात्र 1 किलोमीटर है। हेरवल रोड पर स्थित होने के कारण यहां पहुंचना भी आसान है। आश्रम की सरलता और प्राकृतिक वातावरण श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है। कुटिया नुमा आश्रम और पुजारी बाबा की तपस्या इस स्थान को और भी पवित्र बनाती है।
पुजारी प्यारे बाबा औघड़ ने बताया कि नाग देवता की कृपा से इस स्थान की महिमा लगातार बढ़ रही है। यहां आने वाले भक्तों की हर समस्या का समाधान होता है। सोमवार और प्रदोष के दिन यहां विशेष पूजा-अर्चना होती है। श्रद्धालु यहां आकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं और बाबा का आशीर्वाद लेते हैं।
औघड़ नाथ आश्रम न केवल हरदोई जनपद बल्कि आसपास के जिलों के लिए भी आस्था का केंद्र बन चुका है। बाबा के स्वप्न से शुरू हुई यह परंपरा आज हजारों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक बन गई है।
सत्य का असर समाचार पत्र, हरदोई
पत्रकार: जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
संपर्क सूत्र 9956 834016



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