CSA विश्वविद्यालय में देश के 21 राज्यों के 1558 छात्र ले रहे कृषि शिक्षा, कुलपति ने कहा - विविधता से बढ़ रही एकता

कानपुर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर परिसर देश भर के छात्रों के लिए कृषि शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन गया है। शैक्षणिक वर्ष *2025-26* में विश्वविद्यालय में देश के *21 राज्यों* के कुल *1558 छात्र* स्नातक, परास्नातक एवं पीएचडी पाठ्यक्रमों में कृषि शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।


विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता* ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ICAR के अखिल भारतीय कोटे के माध्यम से देशभर के मेधावी छात्रों को यहां सीट आवंटित होती है।

➡️किस राज्य से कितने छात्र

विश्वविद्यालय के *अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. मुकेश श्रीवास्तव* के अनुसार छात्रों का राज्यवार ब्यौरा इस प्रकार है:

उत्तर प्रदेश 1291, बिहार 75, राजस्थान 74, तेलंगाना 19, मध्य प्रदेश 16, हरियाणा 11, उड़ीसा 11, उत्तराखंड 10, महाराष्ट्र 9, आंध्र प्रदेश 8, मणिपुर 7, छत्तीसगढ़ 6, झारखंड 5, पंजाब 3, तमिलनाडु 3, मेघालय 3, पश्चिम बंगाल 2, असम 2, दिल्ली 1, हिमाचल प्रदेश 1 एवं कर्नाटक 1 छात्र।*

डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि इनमें उत्तर प्रदेश के 1291 छात्र हैं जबकि दूसरे प्रांतों के 267 छात्र कृषि शिक्षा ले रहे हैं।

➡️विविधता से बढ़ रही एकता" - कुलपति*

*कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता* ने कहा कि "यह हमारे लिए गर्व की बात है कि एक ही परिसर में 21 प्रांतों के छात्र एक साथ पढ़ रहे हैं। इससे संस्कृति की विविधता और एकता को बढ़ावा मिलता है।"

उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से आए छात्रों को देश के विभिन्न हिस्सों की मिट्टी, फसलों और कृषि चुनौतियों को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही विभिन्न पृष्ठभूमि वाले छात्र आपस में मिलकर कृषि समस्याओं के लिए बेहतर और व्यावहारिक समाधान खोज सकते हैं।

➡️भाषा और खान-पान का आदान-प्रदान*

डॉ. गुप्ता ने बताया कि कृषि शिक्षा के साथ-साथ छात्र अलग-अलग राज्यों की भाषा, खान-पान और जीवन शैली भी सीखते हैं। हॉस्टल और क्लासरूम में होने वाला यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान छात्रों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 

कुलपति ने कहा कि CSA विश्वविद्यालय का उद्देश्य सिर्फ डिग्री देना नहीं है, बल्कि ऐसे कृषि विशेषज्ञ तैयार करना है जो देश की विभिन्न कृषि समस्याओं को समझकर उनका समाधान दे सकें।

➡️ICAR कोटे से मिलती है सीट*

उल्लेखनीय है कि CSA विश्वविद्यालय ICAR द्वारा मान्यता प्राप्त देश के प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों में से एक है। यहां अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से देशभर से टॉपर छात्र दाखिला लेते हैं। इसी कारण यहां हर साल देश के कोने-कोने से छात्र कृषि, उद्यान, पशुपालन और कृषि इंजीनियरिंग जैसे पाठ्यक्रमों में पढ़ने आते हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि छात्रों के लिए हॉस्टल, लैब, फील्ड और शोध की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विभिन्न राज्यों के छात्रों के लिए फूड कोर्ट में विविध प्रकार का भोजन भी उपलब्ध है।

 सत्य का असर समाचार पत्र, कानपुर  

*पत्रकार:* जितेंद्र कुमार सिंह पटेल  

*मोबाइल:* 9956834016  

*ईमेल:* satyakaasarnews24@gmail.com  

*खबरों और विज्ञापन के लिए उपरोक्त नंबर पर संपर्क करें।*


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कानपुर: 2.5 महीने से बिना सैलरी National Sugar Institute के गार्ड, भूखे होकर बंद किया गेट

कानपुर में सीएम डैशबोर्ड समीक्षा: लापरवाही पर DM का कड़ा रुख, कई अधिकारियों का वेतन रोका, शो-कॉज नोटिस जारी*

कानपुर में 11 जुलाई को एंडोमेट्रियोसिस पर बड़ा सीएमई: केओजीएस और फोग्सी करेंगे "दर्द, मासिक धर्म और उससे आगे" पर मंथन, महिलाओं की बांझपन और दर्द की समस्या पर होगी चर्चा