CSA कानपुर में 20 जुलाई से मशरूम उत्पादन का 6 दिवसीय प्रशिक्षण, आत्मनिर्भर बनेंगे युवा; 1500 रुपये में सीखें खेती

पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल 

कानपुर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर में ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से मशरूम उत्पादन तकनीक पर छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 20 जुलाई 2026 से 25 जुलाई 2026 तक विश्वविद्यालय परिसर में चलेगा।

पादपरोग विज्ञान विभाग के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने बताया कि मशरूम की खेती आज के समय में कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला कृषि व्यवसाय बन चुका है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कृषक हो, छात्र हो या शहरी नागरिक, यदि मशरूम की खेती या उससे जुड़ा व्यवसाय शुरू करना चाहता है तो यह प्रशिक्षण उसके लिए सुनहरा अवसर है। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान देश है। केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने से ग्रामीण युवाओं को रोजगार की सीमित संभावनाएं मिल पाती हैं। इसलिए कृषि के साथ-साथ अन्य सहायक उद्योगों में प्रशिक्षण देना आवश्यक है। मशरूम उत्पादन ऐसा ही एक क्षेत्र है, जिसमें कम जगह, कम समय और कम पूंजी में अच्छी आय कमाई जा सकती है।

उन्होंने बताया कि इस 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को एस्टर मशरूम, बटन मशरूम और मिल्की मशरूम की खेती की पूरी वैज्ञानिक तकनीक सिखाई जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा मशरूम उत्पादन से जुड़ी तकनीकी सलाह, रोग-कीट प्रबंधन, विपणन और ब्रांडिंग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

प्रशिक्षण की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल थ्योरी ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। प्रशिक्षणार्थियों को मशरूम उगाने की विभिन्न विधियों का फील्ड और लैब में लाइव डेमो दिखाया जाएगा। बीज तैयार करना, कम्पोस्ट बनाना, बैग भरना, स्पॉनिंग, क्रॉपिंग रूम का प्रबंधन और फसल की तुड़ाई तक हर स्टेप को हाथों-हाथ सिखाया जाएगा।

प्रशिक्षण में भाग लेने की प्रक्रिया

नोडल अधिकारी डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को 1500 रुपये पंजीकरण शुल्क जमा करना होगा। इसके साथ ही आधार कार्ड की फोटोकॉपी और एक पासपोर्ट साइज फोटो जमा करनी होगी। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के पादपरोग विज्ञान विभाग में संपर्क कर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि यदि कोई किसान या अभ्यर्थी बाहर से आकर प्रशिक्षण लेना चाहता है तो विश्वविद्यालय परिसर में उसके रुकने की व्यवस्था कराई जाएगी। हालांकि, रुकने और खाने का खर्च प्रशिक्षणार्थी को स्वयं वहन करना होगा।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान ने बताया कि प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने के उपरांत सभी प्रशिक्षणार्थियों को विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। यह प्रमाण पत्र आगे चलकर बैंक से लोन लेने या अपना व्यवसाय शुरू करने में मददगार साबित होगा।

डॉ. खलील खान ने बताया कि देशभर के युवा इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा ले सकते हैं। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए इच्छुक अभ्यर्थी मोबाइल नंबर *9839818899* और *8218483463* पर संपर्क कर सकते हैं।रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर*ल

विशेषज्ञों का मानना है कि मशरूम की मांग बाजार में साल भर बनी रहती है। होटल, रेस्टोरेंट और घरों में इसकी खपत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में प्रशिक्षण प्राप्त युवा न केवल अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं के लिए न केवल रोजगार के अवसर खोलेगा, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और कृषि व्यवसाय में दक्षता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेगा।

सत्य का असर समाचार पत्र कानपुर पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल संपर्क सूत्र 9956 8340 16 🙏

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