भूजल संरक्षण: गांवों में पानी की हर बूंद सहेजने की मुहिम शुरू, ईशन नदी के पुनर्जीवन का संकल्प

पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल 

कानपुर नगर पानी बचाओ, जीवन बचाओ। योगी सरकार के निर्देश पर गुरुवार से कानपुर जिले में `भूजल संरक्षण सप्ताह 2026` का आगाज हो गया। 16 से 22 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य गांव-गांव में पानी की हर बूंद को सहेजना और भूजल स्तर को ऊपर उठाना है। अभियान के पहले दिन बिल्हौर के मकनपुर गांव में ईशन नदी के पुनर्जीवन के लिए श्रमदान किया गया। साथ ही जिले की 590 ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण चौपालों की शुरुआत हुई।

मकनपुर में श्रमदान से हुई शुरुआत

बिल्हौर विकासखंड के मकनपुर गांव में ईशन नदी के जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन कर शुभारंभ किया गया। परियोजना निदेशक आलोक कुमार सिंह, ब्लॉक प्रमुख मनोरमा, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, लघु सिंचाई विभाग की सहायक अभियंता अर्चना सिंह और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नदी तट पर कुदाल उठाकर सफाई और गहरीकरण का काम किया। 

इस दौरान `सिकिया तालाब` के किनारे पौधरोपण भी किया गया। कार्यक्रम में आयोजित चौपाल में अधिकारियों ने ग्रामीणों को वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के तरीके बताए। सभी को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। अमृत सरोवर सहित अन्य जल स्रोतों का पूजन कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया।

*590 ग्राम पंचायतों में लगी जल चौपाल*

जिले की सभी 590 ग्राम पंचायतों में एक साथ जल संरक्षण चौपाल शुरू की गई हैं। इन चौपालों के जरिए ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि कैसे छत का पानी जमीन में उतारकर भूजल को रिचार्ज किया जा सकता है। दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं।

लघु सिंचाई विभाग द्वारा जिले के पुराने तालाबों, कुओं और चेक डैमों की सफाई और मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है। सरकारी भवनों, पंचायत भवनों और स्कूलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है ताकि बरसात का पानी व्यर्थ न जाए।

शहर में KDA और नगर निगम का एक्शन प्लान*

भूजल संरक्षण को शहरी क्षेत्र में भी प्रभावी बनाने के लिए कानपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम ने संयुक्त कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत शहर की सभी बहुमंजिला इमारतों, सरकारी कार्यालयों और निजी सोसायटियों का सर्वे कराया जाएगा। 

जिन भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगा है, उन्हें नोटिस देकर नया सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए जाएंगे। नगर निगम के जलकल विभाग द्वारा शहर के विभिन्न जोनों में कार्यशालाएं आयोजित कर लोगों को जल की बचत के लिए जागरूक किया जा रहा है।

स्कूलों में बच्चों से शुरू हुई जल चेतना*

अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भी कमर कस ली है। जिले की 90 न्याय पंचायतों के सभी स्कूलों में `जल ही जीवन है` विषय पर चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। 

उद्देश्य है कि बच्चे जल संरक्षण का संदेश अपने घर-घर तक पहुंचाएं। 22 जुलाई को जिला स्तरीय समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों, ग्राम प्रधानों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रचार रथ निकला गांव-गांव*

अभियान के प्रचार के लिए संयुक्त विकास आयुक्त कार्यालय से एक विशेष प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। `जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प` के संदेश के साथ यह रथ कानपुर मंडल के सभी जिलों का भ्रमण करेगा। रथ के माध्यम से लोगों को वर्षा जल संचयन, भूजल संरक्षण और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा।

22 जुलाई* को भूजल संरक्षण सप्ताह का समापन जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ होगा। इसमें पूरे सप्ताह की गतिविधियों की समीक्षा कर आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी।

सत्य का असर समाचार पत्र कानपुर पत्रकार जितेंद्र कुमार सिंह पटेल संपर्क सूत्र 9956 8340 16 

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