कानपुर: केओजीएस की नवगठित कार्यकारिणी की पहली बैठक, एंडोमेट्रियोसिस पर हुई चर्चा, डॉ. कंचन शर्मा अध्यक्ष और डॉ. रेनू टंडन सचिव बनीं

कानपुर स्त्री एवं प्रसूति रोग परिषद KOGS की नवगठित कार्यकारिणी द्वारा आज प्रथम वैज्ञानिक बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस बैठक में शहर के वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा शिक्षक और रेजिडेंट डॉक्टरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।


विदित हो कि 4 जुलाई 2026 को केओजीएस की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया था। नई कार्यकारिणी में डॉ. कंचन शर्मा को अध्यक्ष तथा डॉ. रेनू टंडन को सचिव का दायित्व सौंपा गया है। आज की बैठक नई टीम की पहली आधिकारिक वैज्ञानिक गतिविधि थी।

एंडोमेट्रियोसिस रहा मुख्य विषय

बैठक का मुख्य विषय "एंडोमेट्रियोसिस" रखा गया था। एंडोमेट्रियोसिस महिलाओं में पाई जाने वाली एक गंभीर बीमारी है जिसमें गर्भाशय की परत जैसा ऊतक गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगता है। इसके कारण महिलाओं को असहनीय मासिक धर्म दर्द, पुराना पेल्विक दर्द और कई बार बांझपन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

वैज्ञानिक सत्र में विशेषज्ञों ने एंडोमेट्रियोसिस की पहचान, आधुनिक उपचार पद्धतियों और रोगियों के समग्र प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर निदान न होने के कारण कई महिलाएं सालों तक इस दर्द को सहती रहती हैं। अल्ट्रासाउंड, लैप्रोस्कोपी और नई दवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।

डॉ. कंचन शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि कानपुर और आसपास के जिलों के हर स्त्री रोग विशेषज्ञ को एंडोमेट्रियोसिस के नवीनतम दिशानिर्देशों से अवगत कराया जाए। ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

डॉ. रेनू टंडन ने कहा कि अक्सर इस बीमारी को सामान्य मासिक धर्म दर्द समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। हमें जन-जागरूकता बढ़ाकर महिलाओं को इसके लक्षणों के प्रति सजग करना होगा।

मुख्य अतिथि ने दी शुभकामनाएं

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा अग्निहोत्री रहीं। उन्होंने नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम कानपुर क्षेत्र में स्त्री रोग विशेषज्ञों के शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक विकास के लिए प्रभावी कार्य करेगी।

डॉ. मीरा अग्निहोत्री ने कहा कि KOGS हमेशा से कानपुर में महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। मुझे उम्मीद है कि डॉ. कंचन शर्मा और डॉ. रेनू टंडन के नेतृत्व में परिषद नई ऊंचाइयों को छुएगी।

आगे की योजना: नियमित CME और अकादमिक कार्यक्रम

नई कार्यकारिणी ने बैठक में भविष्य की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। परिषद ने संकल्प लिया कि आगे नियमित वैज्ञानिक बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही सतत चिकित्सा शिक्षा CME कार्यक्रमों और विभिन्न अकादमिक गतिविधियों के माध्यम से विशेषज्ञों के ज्ञानवर्धन पर जोर दिया जाएगा।

डॉ. कंचन शर्मा ने बताया कि हमारा उद्देश्य सिर्फ डॉक्टरों को प्रशिक्षित करना नहीं है, बल्कि बेहतर महिला स्वास्थ्य सेवाएं आम जनता तक पहुंचाना भी है। इसके लिए हम समय-समय पर जन-जागरूकता शिविर भी आयोजित करेंगे।

बैठक में शहर के नामी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसर और बड़ी संख्या में रेजिडेंट चिकित्सक उपस्थित रहे। सभी ने नए विषयों पर चर्चा की और अपने अनुभव साझा किए। रेजिडेंट डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह की बैठक से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलता है।

KOGS की भूमिका

कानपुर स्त्री एवं प्रसूति रोग परिषद KOGS, फेडरेशन ऑफ ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया FOGSI से जुड़ी एक प्रतिष्ठित संस्था है। यह संस्था पिछले कई वर्षों से कानपुर में महिलाओं के स्वास्थ्य, डॉक्टरों के प्रशिक्षण और नई तकनीकों को बढ़ावा देने का काम कर रही है।

परिषद समय-समय पर कार्यशालाएं, सेमिनार और CME आयोजित करती रहती है। कोरोना काल के बाद अब एक बार फिर से फिजिकल बैठकें शुरू हुई हैं, जिससे डॉक्टरों के बीच आपसी संवाद और बेहतर हुआ है।

निष्कर्ष

आज की बैठक से यह स्पष्ट हो गया है कि नई कार्यकारिणी महिला स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर गंभीर है। एंडोमेट्रियोसिस जैसे अनदेखे विषय को पहली बैठक का मुख्य विषय बनाना इसी का प्रमाण है।

आने वाले दिनों में KOGS द्वारा एक बड़ा CME भी आयोजित किया जाएगा, जिसकी तारीख और स्थान की घोषणा जल्द की जाएगी।

 जारीकर्ता 

कानपुर स्त्री एवं प्रसूति रोग परिषद KOGS

सत्य का असर समाचार पत्र कानपुर 

पत्रकार: जितेंद्र कुमार सिंह पटेल 

संपर्क सूत्र: 9956834016

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